लोकतंत्र नहीं, दमनतंत्र चला रही है भाजपा सरकार: राकेश तंवर

लोकतंत्र नहीं, दमनतंत्र चला रही है भाजपा सरकार: राकेश तंवर

The BJP government is running a regime of repression

The BJP government is running a regime of repression

राहुल गांधी के समर्थन में दिल्ली कूच से पहले कांग्रेस नेता राकेश तंवर को पृथला में किया हाउस अरेस्ट, घर पर लगाया पुलिसिया पहरा

पलवल। दयाराम वशिष्ठ: दिल्ली में छात्रों के समर्थन में प्रस्तावित कांग्रेस आंदोलन से पहले असंगठित कामगार कर्मचारी कांग्रेस हरियाणा के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष एवं कांग्रेस इलेक्शन कमेटी हरियाणा के सदस्य राकेश तंवर को बुधवार सुबह गदपुरी थाना पुलिस ने उनके पृथला स्थित आवास पर हाउस अरेस्ट कर दिया। दिल्ली में छात्र आंदोलन के समर्थन और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी व कांग्रेस महासचिव सांसद प्रियंका गांधी सहित अन्य नेताओं की गिरफ्तारी के विरोध को रोकने के लिए यह बडी कार्रवाई की गई। बुधवार सुबह-सवेरे ही भारी संख्या में पुलिस बल राकेश तंवर के पृथला स्थित आवास पर पहुंचा और उन्हें घर से बाहर निकलने की अनुमति नहीं दी गई। साथ ही किसी भी धरना-प्रदर्शन अथवा आंदोलन में शामिल होने पर रोक लगा दी गई। सूचना मिलते ही बड़ी संख्या में समर्थक उनके आवास पर पहुंच गए और पुलिस कार्रवाई के खिलाफ नाराजगी जताई। हालांकि राकेश तंवर ने सभी से शांति बनाए रखने तथा कानून का पालन करने की अपील करते हुए किसी भी प्रकार के टकराव से बचने की सलाह दी। गौरतलब है कि राकेश तंवर ने एक दिन पहले ही घोषणा की थी कि वह अपने समर्थकों के साथ दिल्ली जाकर छात्र आंदोलन का समर्थन करेंगे तथा राहुल गांधी और प्रियंका गांधी समेत कांग्रेस नेताओं की गिरफ्तारी के खिलाफ लोकतांत्रिक ढंग से विरोध दर्ज कराएंगे।

The BJP government is running a regime of repression

इस मौके पर वरिष्ठ कांग्रेस नेता राकेश तंवर ने भाजपा सरकार पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि जब छात्रों के सवालों से जवाब नहीं बनता, तब सत्ता लाठियों और गिरफ्तारियों का सहारा लेने लगती है। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी लगातार युवाओं, छात्रों, बेरोजगारों और शिक्षा व्यवस्था से जुड़े मुद्दों को संसद से सडक़ तक मजबूती से उठाते रहे हैं, लेकिन सरकार संवाद करने के बजाय विरोध की हर आवाज को दबाने में लगी हुई है। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी की छात्र हितैषी सोच और युवाओं के भविष्य के प्रति उनकी प्रतिबद्धता से घबराई सरकार लोकतांत्रिक अधिकारों का दमन कर रही है। शांतिपूर्ण विरोध करना प्रत्येक नागरिक का संवैधानिक अधिकार है, लेकिन आज ऐसा प्रतीत हो रहा है कि सरकार असहमति को अपराध और लोकतांत्रिक आवाज को चुनौती मान बैठी है। उन्होंने कहा कि लोकसभा में नेता-प्रतिपक्ष का पद प्रधानमंत्री के बाद विपक्ष का सबसे बडा और गरिमामयी पद होता है लेकिन सत्ता के अहंकार में डूबी भाजपा सरकार ने नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी को धरना स्थल से ऐसे उठवाया जैसे वह कोई बहुत बडा अपराधी हो, जनता सब देख रही है और लोकतंत्र में अंतिम निर्णय हमेशा जनता की अदालत ही करती है। उन्होंने व्यंग्य करते हुए कहा कि यदि लोकतंत्र में सवाल पूछना ही सबसे बड़ा अपराध बन जाए, तो समझ लेना चाहिए कि सत्ता जनता के विश्वास से नहीं, बल्कि भय के सहारे चलाना चाहती है।

वरिष्ठ नेता राकेश तंवर ने कहा कि दिल्ली में छात्रों पर जिस प्रकार लाठीचार्ज किया गया, वह केवल कुछ युवाओं पर बल प्रयोग नहीं था, बल्कि उनके सपनों, उनके संवैधानिक अधिकारों और लोकतांत्रिक अभिव्यक्ति पर हमला था। पेपर लीक और परीक्षा प्रणाली में लगातार सामने आ रही अनियमितताओं से परेशान छात्र अपने भविष्य के लिए न्याय मांग रहे थे, लेकिन सरकार ने उनकी बात सुनने के बजाय बैरिकेड, आंसू गैस, पुलिस बल और लाठियों का सहारा लिया। उन्होंने मांग की कि छात्रों पर हुई इस कार्रवाई के लिए प्रधानमंत्री को देश से माफी मांगनी चाहिए तथा केंद्रीय शिक्षा मंत्री नैतिक जिम्मेदारी स्वीकार करते हुए तत्काल इस्तीफा दें।

उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में विपक्ष की आवाज सत्ता के लिए आईना होती है, लेकिन भाजपा सरकार उस आईने को ही तोडऩे पर आमादा दिखाई दे रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार आलोचना सुनने के बजाय विरोध करने वालों पर पुलिस और संवैधानिक एजेंसियों का दबाव बनाकर भय का माहौल तैयार कर रही है। जनहित के प्रश्नों का उत्तर संवाद से दिया जाता है, पुलिस बंदोबस्त से नहीं।

वरिष्ठ नेता राकेश तंवर ने कहा कि आज देश में हालात ऐसे बनाए जा रहे हैं, मानो लोकतंत्र नहीं बल्कि भय का शासन चल रहा हो। उन्होंने आरोप लगाया कि जो भी विपक्ष का नेता सरकार की नीतियों पर सवाल उठाता है, उसके खिलाफ संवैधानिक संस्थाओं का इस्तेमाल कर दबाव बनाने की कोशिश की जाती है। यह प्रवृत्ति लोकतांत्रिक मूल्यों के लिए गंभीर चुनौती है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस पार्टी छात्रों, युवाओं और आम नागरिकों के मुद्दों को सडक़ से लेकर संसद तक पूरी मजबूती से उठाती रहेगी।